-
237
छात्र -
238
छात्राएं -
29
कर्मचारीशैक्षिक: 25
गैर-शैक्षिक: 4
परिकल्पना
- के. वि. सं. उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षिक प्रयासों के माध्यम से उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अपने छात्रों को ज्ञान/मूल्य प्रदान करने और उनकी प्रतिभा, उत्साह और रचनात्मकता का पोषण करने में विश्वास रखता है।
उद्देश्य
- शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना है।
- स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने और गति निर्धारित करने के लिए।
- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) आदि जैसे अन्य निकायों के सहयोग से शिक्षा में प्रयोग और नवाचारों को शुरू करना और बढ़ावा देना।
- राष्ट्रीय एकता की भावना का विकास करना और बच्चों में “भारतीयता” की भावना पैदा करना।

विद्यालय के बारे में
उत्पत्ति
पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय नंबर 2, सिरसा की स्थापना जुलाई 1994 में एक अस्थायी भवन में की गई थी। कंगनपुर रोड, सिरसा पर इसके नए भवन का उद्घाटन डॉ. मुरली मनोहर जोशी, ने किया गया।
विद्यालय के दृष्टिकोण के बारे में
केवीएस उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षिक प्रयासों के माध्यम से उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए ज्ञान/मूल्य प्रदान करने और अपने छात्रों की प्रतिभा, उत्साह और रचनात्मकता का पोषण करने में विश्वास करता है;.
विद्यालय के उद्देश्य के बारे में
शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करना है|
संदेश
श्री विकास गुप्ता, भा. प्र. से., आयुक्त
शिक्षक दिवस 2026 के अवसर पर मैं देश के समस्त शिक्षक समुदाय को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करता हूँ।
आज जब शिक्षा का क्षेत्र तीव्र गति से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, तब भी शिक्षण की मूल भावना और उसका सार शाश्वत है। देशभर के केन्द्रीय विद्यालयों में हमारे शिक्षक पूर्ण समर्पण, प्रतिबद्धता और अटूट उत्साह के साथ शिक्षा के उद्देश्य को आगे बढ़ा रहे हैं।
वरुण मित्र
उप आयुक्त
तत्कर्म यन्न बंधाय सा विद्या या विमुक्तये। आयासायापरम कर्म विद्यान्या शिल्पनैपुणम।। - श्री विष्णुपुराण अर्थात जो बंधन उत्पन्न न करे वही कर्म है जो मुक्ति का मार्ग प्रशस्त करे वह विद्या है। शेष कर्म परिश्रमरूप है तथा अन्य विद्यायें तो मात्र कला कौशल ही है। भारतीय ऋषि-मुनियों व मनीषियों ने ज्ञान (विद्या) को मनुष्य की मुक्ति का साधन कहा है। मनुष्य को भय, भूख, दुर्विकार , दुष्प्रवृत्तियाँ, दुराचरण, निर्बलता, दीनता व हीनता, रोग, शोक इत्यादि से मुक्ति की अभिलाषा अनंतकाल से है। श्रीविष्णुपुराण का उपरोक्त महावाक्य यही संदेश देता है कि मनुष्य को ज्ञान के द्वारा अपने समस्त क्लेशों से मुक्ति पाने का पुरुषार्थ करना चाहिए । विद्या त्याग और तपस्या का सुफल होता है इसलिए ज्ञान की उपलब्धि सदैव श्रमसाध्य है। आइये, हम सभी अनुशासित होकर, समर्पण भाव से समस्त उपलब्ध साधनों का मर्यादापूर्वक उपभोग करते हुए ज्ञानार्जन का सद्प्रयास करें। अपनी दिनचर्या में उचित आहार , विहार और विचार का समावेश करते हुए व्यक्ति के रूप में प्रकृति प्रदत्त अनंत संभावनाओं को ज्ञान की पवित्र ऊर्जा के आलोक में पल्लवित व पुष्पित करें। हम सभी कृष्ण यजुर्वेद के तैत्रीय उपनिषद के इस सूत्र का प्रतिदिन अपने विद्यालयों में प्रात:कालीन प्रार्थना सभा में सस्वरपाठ करते हैं:- ॐ सह नाववतु सह नौ भुनक्तु, सह वीर्यम करवावहै। तेजस्वि नावधीतमस्तु मा विद्विषावहै, ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः।। आइये, इस सूत्र में छुपे महान संदेश को समझें और अपने जीवन में आत्मसात कर अपना नित्य कर्म करें । मैं, गुरुग्राम संभाग के समस्त प्राचार्यों, शिक्षकों, विद्यार्थियों, अधिकारियों व कार्मिकों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित करता हूँ और एक सफल व सुखद भविष्य की कामना करता हूँ ।
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वीरेंद्र कुमार
प्राचार्य
अरस्तू का कहना है कि मनुष्य एक तर्कसंगत प्राणी है और उसकी तर्कसंगतता को शिक्षा के माध्यम से सर्वोत्तम उपचार और विकास मिलता है। निःसंदेह शिक्षा मनुष्य को पशु के स्तर से उठाकर देवदूत के स्तर तक पहुँचाती है। शिक्षा के स्तर को ऊपर उठाने के लिए शिक्षा में प्रयोग और नवाचार को शुरू करना और बढ़ावा देना आवश्यक है। यह वैज्ञानिक युग है और हमें हर चीज को वैज्ञानिक तरीके से देखने की जरूरत है। विज्ञान अंधविश्वासी विचारों को दूर करने में मदद करता है और हमें हमारे आसपास होने वाली चीजों के पीछे के तर्क को समझाता है। वर्तमान युग आईटी (सूचना प्रौद्योगिकी) युग है। हर किसी के लिए "सूचित" होना आवश्यक है और दुनिया में सर्वश्रेष्ठ के बराबर आने के लिए इंटरनेट सबसे शक्तिशाली उपकरण है क्योंकि यह व्यक्ति को दुनिया के सर्वोत्तम संसाधनों तक पहुंच प्रदान करता है।
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शैक्षणिक योजनाकार
शैक्षणिक गतिविधियों का मासिक कैलेंडर सत्र 2024-25 के लिए |
शैक्षिक परिणाम
X और XII का परिणाम विश्लेषण
बाल वाटिका
बाल वाटिका कार्यक्रम को प्रारंभिक कक्षा 1 के रूप में डिज़ाइन किया गया है|
निपुण लक्ष्य
समझदारी और संख्यात्मकता के साथ पढ़ने में प्रवीणता के लिए राष्ट्रीय पहल|
शैक्षणिक हानि कार्यक्रम का मुआवजा (सीएएलपी)
शैक्षणिक हानि वसूली योजना |
अध्ययन सामग्री
दसवीं और बारहवीं कक्षा के लिए अध्ययन सामग्री
कार्यशालाएँ एवं प्रशिक्षण
विद्यालय छात्रों और शिक्षकों के लिए विभिन्न प्रशिक्षण आयोजित करता है।
विद्यार्थी परिषद
छात्र नेताओं का समूह है जो स्कूल को प्रभावित करने के लिए काम करते हैं।
अपने स्कूल को जानें
यह सिरसा में स्थित एक नागरिक क्षेत्र का स्कूल है।
अटल टिंकरिंग लैब
अटल टिंकरिंग लैब विद्यालय में उपलब्ध नहीं हैं|
डिजिटल भाषा लैब
डिजिटल भाषा लैब विद्यालय में उपलब्ध नहीं हैं|
आईसीटी - ई-क्लासरूम एवं प्रयोगशालाएँ
सूचना प्रसारित , संग्रहीत या साझा करने वाली एक तकनीकी।
पुस्तकालय
पुस्तकालय पुस्तकों और संभवतः अन्य सामग्रियों और मीडिया का एक संग्रह है।
प्रयोगशालाएँ - भौतिकी/रसायन विज्ञान/जीवविज्ञान
वैज्ञानिक प्रयोगों के संचालन के लिए एक कार्यस्थल
भवन एवं बाला पहल
यह स्कूल भवन के बुनियादी ढांचे में हस्तक्षेप के माध्यम से शिक्षा में गुणात्मक सुधार है।
खेल अवसंरचना (खेल के मैदान)
खेल अवसंरचना (खेल के मैदान)
एसओपी/एनडीएमए
आपदाओं पर प्रतिक्रिया के लिए मानक संचालन प्रक्रियाएँ।
खेल
केविएस कार्यक्रम के अनुसार खेल गतिविधियाँ
एनसीसी/स्काउट एवं गाइड
केविएस कार्यक्रम के अनुसार एनसीसी-स्काउट एवं गाइड
शिक्षा भ्रमण
विद्यालय की वार्षिक योजना के अनुसार शिक्षा भ्रमण
ओलम्पियाड
केविएस और सीबीएसई वार्षिक योजना के अनुसार ओलंपियाड
प्रदर्शनी - एनसीएससी/विज्ञान/आदि
प्रदर्शनी – एनसीएससी/विज्ञान/आदि केविएस कार्यक्रम के अनुसार
एक भारत श्रेष्ठ भारत
एक भारत श्रेष्ठ भारत केविएस कार्यक्रम के अनुसार
हस्तकला या शिल्पकला
कला और शिल्प आत्म-अभिव्यक्ति का सर्वोत्तम रूप है।
आनंद वार
शनिवार प्राइमरी विंग के लिए मनोरंजन दिवस रहेगा
युवा संसद
केविएस अनुसूची के अनुसार युवा संसद
पीएम श्री स्कूल
पीएम श्री स्कूल भारत सरकार द्वारा एक केंद्र प्रायोजित योजना है।
कौशल शिक्षा
कौशल शिक्षा में स्कूल 9वीं और 10वीं कक्षा के लिए एआई विषय की पेशकश करते हैं।
मार्गदर्शन एवं परामर्श
मार्गदर्शन और परामर्श एक ऐसी प्रक्रिया है जो लोगों को उनकी क्षमता विकसित करने और सूचित निर्णय लेने में मदद करती है।
सामाजिक सहभागिता
विद्यालय पीटीएम और ग्रैंड पेरेंट्स दिवस का आयोजन करता
विद्यांजलि
विद्यांजलि भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा सामुदायिक और निजी क्षेत्र के माध्यम से स्कूलों को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई एक पहल है।
प्रकाशन
प्रकाशित करने का अर्थ सामग्री को आम जनता के लिए उपलब्ध कराना है।
समाचार पत्र
समाचार पत्र शैक्षिक पहलों, घटनाओं और उपलब्धियों के बारे में बहुमूल्य जानकारी प्रदान करते हैं।
विद्यालय पत्रिका
विद्यालय पत्रिका एक दर्पण है जो संस्था की सर्वांगीण गतिविधियों को दर्शाती है।
देखें क्या हो रहा है ?
छात्रों के बारे में समाचार और कहानियाँ, और पूरे स्कूल में नवाचार
30/11/2024
विज्ञान प्रदर्शनी
30/11/2024
दादा-दादी दिवस
उपलब्धियाँ
शिक्षक
विद्यार्थी
नवप्रवर्तन
स्वच्छता ही सेवा
विद्यालय के मेधावी छात्र
सी. बी. एस. ई. बोर्ड परीक्षा दसवीं और बारहवीं कक्षा
10वीं कक्षा
12वीं कक्षा
दसवीं और बारहवीं कक्षा के पिछले चार वर्षों का परिणाम
वर्ष 2020-21
छात्र उपस्थित हुए 33 उत्तीर्ण हुए 33
वर्ष 2021-22
छात्र उपस्थित हुए 40 उत्तीर्ण हुए 38
वर्ष 2022-23
छात्र उपस्थित हुए 35 उत्तीर्ण हुए 35
वर्ष 2023-24
छात्र उपस्थित हुए 30 उत्तीर्ण हुए 30
Year of 2020-21
छात्र उपस्थित हुए 27 उत्तीर्ण हुए 27
Year of 2021-22
छात्र उपस्थित हुए 14 उत्तीर्ण हुए 12
Year of 2022-23
छात्र उपस्थित हुए 16 उत्तीर्ण हुए 16
Year of 2023-24
छात्र उपस्थित हुए 26 उत्तीर्ण हुए 26